अध्याय / नियम 2 – स्वस्थ भोजन (Healthy Food for New Parents in hindi) || FOR PARENTS ABOUT CHILDREN
आजकल स्वस्थ खानपान पर दर्जनों किताबें, लेख, ब्लॉग आदि लिखे जा चुके हैं। बेशक, हर महिला को यह समझना चाहिए कि खान-पान से वह न केवल अपने शरीर को पोषण देती है, बल्कि अपने गर्भ में आए बच्चे के शरीर को भी पोषण देती है। वह मूल रूप से उसके स्वास्थ्य को आकार दे रही है। आज हमें जिन कृत्रिम रासायनिक यौगिकों का सेवन करना सिखाया जाता है, वे सीधे बच्चे के स्वास्थ्य, जीवन और आत्मसम्मान पर प्रभाव डालते हैं। यह बात न केवल महिला को बल्कि उसके साथी को भी समझनी चाहिए। दुर्भाग्य से, अधिकतर मामलों में, माता-पिता के चिप्स, मिठाइयों और कृत्रिम पेय पदार्थों के सेवन से बच्चों में बेचैनी, भ्रम और शारीरिक असंतुलन (और इसलिए मानसिक स्थिति) की भावना पैदा होती है। उनका शरीर कृत्रिम, बाहरी तत्वों से बना होता है, जो शरीर में जमा होकर धीरे-धीरे आनुवंशिक स्तर पर भी परिवर्तन (उत्परिवर्तन) ला सकते हैं! आज हम इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकते कि कई बीमारियाँ जिन्हें पुरानी, आनुवंशिक और लाइलाज माना जाता है, वे युवाओं में तेजी से फैल रही हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि लोग स्वेच्छा से स्वयं, अपने परिवार और अपने बच्चों को अस्वास्थ्य...